ढाई लाख में बिकी कोतवाली बहजोई, आरोपियों से पैसे लेकर धाराओं में फेरबदल करने का पीड़िता ने लगाया आरोप।

ढाई लाख में बिकी कोतवाली बहजोई, आरोपियों से पैसे लेकर धाराओं में फेरबदल करने का पीड़िता ने लगाया आरोप।

महिला को जिंदा जलाने के प्रयास में 7 पर रिपोर्ट दर्ज होने के 15 दिन  बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही।

ब्यूरो रिपोर्ट तबरेज़ खान

संभल:- बहजोई गौरवी शर्मा उर्फ गुड़िया पुत्री रामपाल शर्मा की शादी लगभग 5 वर्ष पूर्व (30/11/2017) हर्षित  गौड़ पुत्र दुजेंद्र गौड़ निवासी ब्रह्म बाजार, इस्लाम नगर चौराहा, बहजोई के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन तक सब कुछ ठीक-ठाक चलता है। लेकिन कुछ दिन बाद से ही ससुराल वाले दहेज को लेकर गौरवी शर्मा को प्रताड़ित करने लगते हैं। पीड़िता का सुसर पीड़िता को अकेला पाकर बलात्कार करने का प्रयास करता है और यहां तक प्रताड़ित करते हैं कि एक दिन गौरवी शर्मा को रसोई घर में जिंदा जलाने का षड्यंत्र रच लेते हैं। जिसकी शिकायत पीड़िता द्वारा थाना बहजोई में की जाती है और पुलिस मामला पंजीकृत होने के बावजूद कार्यवाही के नाम पर पीड़िता को मात्र आश्वासन देती रहती है।

क्या है पूरा मामला

गौरवी शर्मा उर्फ गुड़िया पुत्री राजपाल शर्मा ग्राम बवैना, थाना हयातनगर, जनपद संभल की निवासिनी है। गौरवी शर्मा की शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार लगभग 5 वर्ष पूर्व (30/11/2017) हर्षित गौड़ पुत्र दुजेंद्र गौड़ निवासी मोहल्ला ब्रह्म बाजार, इस्लामनगर चौराहा, थाना बहजोई के साथ हुई थी। जिसमें गौरवी शर्मा के पिता राजपाल शर्मा ने अपनी सामर्थ्य से भी अधिक चालीस लाख रुपए का दान दहेज दिया था। शादी के कुछ दिन तक सब कुछ ठीक चलता रहा लेकिन कुछ दिनों के बाद ही गौरवी शर्मा का पति हर्षित गौड, सास अनीता, सुसर दुजेंद्र गौड़, ननंद शीतल, देवर अर्पित, चाची सास बेबी, चाचा सुसर उपेंद्र गौड़ उर्फ बिल्लू मिलकर गौरवी शर्मा को दहेज के लिए परेशान करने लगे। 2019 में जब गौरवी शर्मा ने गर्भधारण किया तो सास-ससुर व पति ने मिलकर उसे गर्भपात की गोली खिला दी, जिससे गौरवी शर्मा का गर्भपात हो गया। उक्त अभियुक्तों का गौरवी शर्मा को प्रताड़ित करने का सिलसिला यहीं नहीं थमा बल्कि उक्त अभियुक्त गौरवी शर्मा पर दबाव बनाने लगे कि अपने पिता से एक ईट का भट्टा हमारे नाम करवा दे वरना हम तुझे ऐसे ही परेशान करते रहेंगे और यदि पुलिस में शिकायत की तो तेरे बाप और भाई को जान से मारवा देंगे। 2021 में हर्षित गौड़ पढ़ाई करने का बहाना बनाकर दिल्ली जाने को कहने लगा। इस पर गौरवी शर्मा ने भी साथ चलने के लिए कहा लेकिन हर्षित गौड किसी भी कीमत पर गौरवी शर्मा को साथ ले जाने के लिए राजी नहीं हुआ और गौरवी शर्मा से लड़ झगड़ कर व मार-पीट कर दिल्ली चला गया और गौरवी शर्मा से यह कह कर गया कि तू अगर अपने बाप से पंद्रह लाख नकद और एक लग्जरी कार नहीं लाई तो मैं तुझे छोड़ दूंगा और तुझसे कभी बात नहीं करूंगा। इतना सब बर्दाश्त करने के बावजूद भी गौरवी  शर्मा ने अपने और अपने परिवार की इज्जत के बारे में सोच कर सब कुछ चुपचाप बर्दाश्त कर लिया। गौरवी शर्मा के पति के दिल्ली जाने के बाद तो मानो गौरवी शर्मा के ऊपर उक्त अभियुक्तों ने अत्याचारों की हद कर दी और इसी बीच गौरवी शर्मा के सुसर दुजेंद्र गौड की नियत गौरवी शर्मा पर खराब होने लगी, फिर तो दुजेंद्र गौड मौका पाते ही गौरवी शर्मा के साथ छेड़छाड़ करने लगा। एक दिन दुजेंद्र गौड़ ने गौरवी शर्मा के साथ बलात्कार करने की कोशिश की लेकिन अचानक दरवाजे पर किसी के आने के बाद दुजेंद्र गौड़ ने गौरवी शर्मा को छोड़ दिया और गौरवी शर्मा को धमकी दी कि अगर यह बात किसी को बताई तो तेरे इकलौते भाई को मरवा दूंगा। उक्त अभियुक्तों के अत्याचारों का सिलसिला बढ़ता ही गया और अंततः उक्त अभियुक्तों ने गौरवी शर्मा को ठिकाने लगाने का षड्यंत्र रच लिया और दिनांक 25/03/2023 को उक्त अभियुक्तों ने रसोई घर में गैस खुली छोड़ दी और विजेंद्र गौड ने गौरवी शर्मा को चाय बनाने के लिए कहा। गौरवी शर्मा ने रसोई घर में पहुंचकर जैसे ही गैस जलाने की कोशिश की वैसे ही  रसोई घर में आग लग गई आग लगी देख गौरवी शर्मा अपनी जान बचाने के लिए रसोई घर से बाहर भागी आग से गौरवी शर्मा का दुपट्टा व कपड़े ही जल पाये और वह बाल-बाल बच गई। इतनी हैवानियत होने के बाद गौरव शर्मा के सब्र का बांध टूट गया और गौरवी शर्मा ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुला लिया। मौके पर पहुंची पुलिस गौरवी शर्मा व उसके सास-ससुर को कोतवाली बहजोई ले आई। कोतवाली पुलिस ने बमुश्किल गौरव शर्मा की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की और गौरवी शर्मा को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया। उसके कुछ ही देर बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को छोड़ दिया। बहजोई नगर में ही आरोपी दुजेंद्र गौड़ का रामा नाम से एक गेस्ट हाउस भी है। जिसमें पुलिसकर्मी भी शरण लेते हैं। इसलिए पुलिस अधिकारियों से भी आरोपी दुजेंद्र गौड़ की अच्छी सांठगांठ है। जिसके दम पर दुजेंद्र गौड लगातार पीड़िता व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। दुजेंद्र गौड को ऑडियो रिकॉर्डिंग में साफ-साफ कहते सुना जा सकता है कि इस मामले में मेरे ढाई लाख रुपए पुलिस के लेन-देन में खर्च हो चुके हैं। अब सवाल उठता है कि अगर दुजेंद्र गौड ऑडियो रिकॉर्डिंग में दो- ढाई लाख रुपए पुलिस को देने की बात अगर झूठ बोल रहा है तो कोतवाली बहजोई पुलिस उक्त अभियुक्त के विरुद्ध कार्यवाही करने में आनाकानी क्यों कर रही है? और अगर रिश्तेदारों को फोन कर करके दुजेंद्र गौड दो-ढाई लाख रुपए कोतवाली पुलिस पर खर्च करने की बात सच कह रहा है तो फिर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा कुछ और नहीं हो सकती।

एक नजर में दुजेंद्र गौड़

दुजेंद्र गौड़ जोकि अपने आपको बहजोई निवासी बताता है दरअसल में थाना बहजोई क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम राजपुर का मूल निवासी है। राजनीतिक और आपराधिक छवि का व्यक्ति दुजेंद्र गौड़ मायावती शासनकाल में विधानसभा अध्यक्ष रह चुका है, राजपुर गांव में ठाकुरों के इससे कुछ जमीनी विवाद भी चल रहे हैं, जिसके कारण इसका गांव में आना जाना बंद है और इसी कारण यह बहजोई में रहता है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के किसी मंत्री के दम पर यह फल फूल रहा है और थाने में दलाली करता है, जिसके कारण इसका पुलिस प्रशासन के साथ उठना बैठना है। दुजेंद्र गौड गौरवी शर्मा प्रकरण में ढाई लाख रुपए पुलिस पर खर्च करने की बात कह रहा है, जिसका साक्ष भी मौजूद है और कहता है कि गौरवी शर्मा व उसके परिवार को सुप्रीम कोर्ट तक नहीं छोडूंगा। लड़की वालों को बर्बाद कर दूंगा। अब सवाल उठता है किस इस अपराधी के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? शासन- प्रशासन की ऐसी कौन सी ताकत है जो इसको अभय दान दे रही है जबकि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बार-बार अधिकारियों को न्याय की नीति अपनाने के लिए निर्देशित कर रहे हैं और उक्त महिला अपने बुजुर्ग माता पिता के साथ जिले से मंडल तक के अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा चुकी है। अब देखना यह है कि बहजोई कोतवाली पुलिस अपनी कार्यशैली में कब सुधार लाती है और पीड़िता को कब न्याय मिलता है? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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