मुख्य सड़क पर बह रहे लैट्रिन के गंदे पानी का जिम्मेदार कौन.नगर पालिका और प्रशासनिक अधिकारी क्यों नहीं कर रहे कार्रवाई
ब्यूरो रिपोर्ट तबरेज़ खान
सहसवान। मुख्य सड़क पर बह रहे गंदे पानी के लिए जिम्मेदार कौन है? इस सड़क से परगना अधिकारी से लेकर तमाम प्रशासनिक अधिकारी प्रतिदिन गुजरते हैं। नगर पालिका अध्यक्ष की गाड़ी भी इसी सड़क से होकर गुजरती है मगर किसी जिम्मेदार की नजर सड़क पर भरे हुए गंदे पानी पर नहीं जाती। पास के घरों से प्रतिदिन गंदा पानी सड़क पर बहाया जाता है। इन लोगों ने अपने घरों के आगे बने नगरपालिका के नाले को पूरी तरह से बंद कर दिया है। जिसकी वजह से लैट्रिन का गंदा पानी सड़क पर बहता है। यह बात तमाम प्रशासनिक अधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष बखूबी जानते हैं। फिर यह कैसी मजबूरी है की जिम्मेदार अधिकारी भी अपनी नज़रे चुराते नजर आते हैं।इस मुख्य मार्ग पर दो इंटर कॉलेज, कोतवाली, ब्लॉक मुख्यालय, सीएचसी, के अलावा एसडीएम, तहसीलदार, और न्यायिक अधिकारियों के वाहन भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरते हैं। सड़क पर भरा हुआ गंदा पानी वाहनों के गुजरने से उछलकर स्कूल जाने वाली छात्र-छात्राओं के ऊपर गिरता है जिससे उनकी वेशभूषा खराब हो जाती है। पास में मस्जिद भी है इस गंदे पानी की चपेट में नवाजी भी आ जाते हैं। मगर सब मौन धारण किए हुए हैं।मनमानी और हठधर्मी का आलम यह है कि सड़क के आसपास बने मकान का गंदा पानी प्रतिदिन सड़क पर छोड़ा जाता है मगर इसके बावजूद भी जिम्मेदारों के कानों पर जू तक नहीं रंग रही है।सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग की है और पटरी व नाले नगरपालिका द्वारा बनाए गए हैं। इसके निर्माण में सरकार का लाख रुपया खर्च हुआ है। घरों के सामने बने नालों को लोगों ने पाट कर बंद कर दिया है जिस कारण से घरों के लैट्रिन का पानी मुख्य सड़क पर बह रहा है।तहसील में आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में जिला के तमाम आला अधिकारी जिसमें जिलाधिकारी से लेकर तमाम प्रशासनिक अधिकारियों वाहन इसी मार्ग से गंदे पानी में होकर गुजरते हैं। मगर किसी अधिकारी ने यह जानना उचित नहीं समझा की सड़क पर गंदा पानी किस कारण से भर रहा है और इस गंदे पानी के लिए जिम्मेदार कौन है?वैसे तो राजनीतिक लोग और प्रशासन के अधिकारी साफ- सफाई को लेकर सरकार की मंशा के अनुरूप लंबे चौड़े वायदे करते नजर आते हैं। और अक्सर जनता को साफ -सफाई का संदेश देते हुए अपने हाथों में झाड़ू लेकर साफ -सफाई करते नजर आते हैं। मगर उनको इस मुख्य सड़क पर भरा गंदा पानी नजर नहीं आता। यह कैसी विडंबना है की जिला के तमाम प्रशासनिक अधिकारी जिस मार्ग से होकर गुजरते हो। फिर भी लोग लैट्रिन का गंदा पानी बहाकर उन्हें खुलेआम चेतावनी दे रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि इन घरों के लोगों के आगे प्रशासन पूरी तरह से नसमस्तक है। जिस कारण से यह लोग अपनी मनमानी पर पूरी तरीका से उतारू है। और नागरिकों के अलावा स्कूल जाने वाली छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । मगर उनकी समस्या का समाधान किसी के पास नजर नहीं आ रहा हैl
