गांव नगला कोतल के जंगल में तेंदुए के देखे जाने की सूचना के बाद से वन विभाग की टीम तीसरे दिन भी जंगल में कांबिंग करती रही।


गांव नगला कोतल के जंगल में तेंदुए के देखे जाने की सूचना के बाद से वन विभाग की टीम तीसरे दिन भी जंगल में कांबिंग करती रही।

ब्यूरो रिपोर्ट तबरेज़ खान 

सहसवान: क्षेत्र के गांव नगला कोतल के जंगल में तेंदुए के देखे जाने की सूचना के बाद से वन विभाग की टीम तीसरे दिन भी जंगल में कांबिंग करती रही। लेकिन तेंदुए का पता नहीं चल सका वन विभाग द्वारा गांव में मुनादी करा दी गई है 5:00 बजे के बाद किसान अपने खेतों में न जाए और अपने घरों के आगे भी लाइट जला कर रखें और यदि किसी परिस्थिति में खेत जाना पड़े तो टॉर्च लेकर और शोर करते हुए जाएं  बता दें कि सोमवार सुबह क्षेत्र के गांव कोतल नगला के जंगल में सुबह शौच के लिए गए ग्रामीणों ने जंगल में तेंदुआ देखने का दावा किया था। इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बताया कि पदचिन्ह तेंदुए के नहीं हैं। जबकि ग्रामीणों का कहना है उन्होंने तेंदुए को देखा है। इसके बाद पिछले तीन दिन से लगातार वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में जंगल में कांबिंग कर रही है। रेंजर एके त्यागी ने बताया कि पदचिन्हों के आधार पर संदिग्ध वन्य जीव की मंगलवार को जो लोकेशन ट्रेस की गई थी उसे खेत के चारों तरफ लगातार कमिंग की गई लेकिन संदिग्ध वन्य जीव के उसे खेत से बाहर निकालने की कोई प्रवचन नहीं मिले उन्होंने बताया खेत से खेत गन्ने के लगातार लगे हुए हैं उनमें होकर संदिग्ध वन्य जीव यदि निकल गया हो तो बात अलग है सुबह 7:00 से शाम 7:00 तक और शाम 7:00 से सुबह 7:00 बजे तक वन विभाग की ड्यूटी में लगातार कमिंग कर रही हैं ग्रामीणों को भी मुनादी कराकर सूचित कर दिया गया है । शाम 5:00 के बाद खेतों पर ना जाएं अपने घरों के आगे भी लाइट जला कर रखें यदि विलंब से जाना हो तो टॉर्च लेकर और शोर करते हुए खेतों पर जाएं

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