उसहैत बाढ पीड़ित परिवारों के सुरक्षित स्थानों पर न जाने से प्रशासन परेशान

उसहैत बाढ पीड़ित परिवारों के सुरक्षित स्थानों पर न जाने से प्रशासन परेशान

जिला ब्यूरो तबरेज़ खान 

बदायूँ:-क्षेत्र में बरसात का मौसम शुरू होने से गंगा नदी में बाढ के हालातों की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने चारो गांवों को सुरक्षित बसाने की मुहिम और तेज कर दी है।उपजिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने लेखपालों की टीम लगाकर चारों गांवों को आवंटित भूमि पर बसाने के प्रयास और तेज कर दिए हैं और गत वर्ष की भांति कोई भी व्यक्ति बाढ में परेशान न हो उसके लिए खुद उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का अवलोकन किया है परंतु ग्रामीणों के मनमुताबिक जगह न मिल पाने से ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर जाने को बिल्कुल तैयार नहीं है जिससे प्रशासन परेशान है इस समस्या को उपजिलाधिकारी ने जिला अधिकारी को भी अवगत कराया है क्षेत्र में गत वर्ष बाढ से गांव कमलू नगला भखरी बेहटी तथा अहमदनगर बछौरा के दर्जनों परिवार प्रभावित हुए थे जिनमें कमलू नगला पूरा गांव गंगा नदी में समा गया था और अहमदनगर बछौरा भखरी,और बेहटी आधे आधे गांव गंगा नदी में समा गये थे प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अहमदनगर बछौरा को बाकरपुर में सड़क किनारे आबादी की भूमि आवंटित हुई कर दी गई थी और अधिकांश लोग उसमें रहना भी शुरू कर दिए हैं कुछ लोग दोनों जगह रह रहे हैं कमलू नगला के लोगों को मुगर्रा में बांध के निकट पड़ी ग्राम पंचायत की भूमि आवंटित कर दी है तथा भखरी और बेहटी को दुर्जन नगला के पास आवंटन कर प्रधान व पीडित परिवारों को सूचित कर दिया गया है। परंतु ग्रामीण सड़क किनारे अपने मनमुताबिक जगह चाह रहे हैं और इसी के चलते भारी प्रयास के बाद भी सुरक्षित स्थानों पर नहीं जाना चाह रहे हैं ग्रामीणों का कहना है कि जहाँ जगह दी जा रही वहाँ पर अभी भी पानी भर जाता है और आवागमन हेतु रास्ता भी नहीं है जबकि प्रशासनिक कर्मचारी गण इसे ग्रामीणों की बहानेबाजी बता रहे हैं ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस समस्या को लोकसभा चुनाव में भी जनप्रतिनिधियों से कहा गया था और चुनाव बाद व्यवस्था कराने के वायदे भी हुए परंतु अब तक समस्या जसकी तस बनी हुई है इधर गंगा नदी में बरसात शुरू हो जाने से बाढ की फिर से संभावना बढने लगी है जिसको लेकर प्रशासन एवं ग्रामीण दोनों परेशान हैं अहमद नगर बछौरा के 38 पक्के मकान मालिक परिवारों को एक लाख बीस हजार प्रति परिवार 45 लाख 60 हजार रुपये और 12 कच्चे मकान मालिक परिवारों को आठ हजार रूपए प्रति परिवार की दर से 96000/, वितरित कर दिया हैं जबकि कमलू नगला के 5 पक्के मकान मालिकों को एक लाख बीस हजार रुपए प्रति परिवार कुल 6 लाख रुपये एवं कच्चे मकान मालिक छ परिवारों को 48 हजार रुपए वितरित किए जा चुके हैं तथा भखरी और बेहटी को पीड़ित परिवारों को गाटा संख्या 634/0.272 भूमि आवंटित की जा चुकी है।तथा कमलू नगला के पीडित परिवारों को मुगर्रा में भूमि आवंटित की जा चुकी है परंतु ग्रामीण मनमुताबिक सड़क किनारे भूमि माग रहे हैं और खासे प्रयास के बावजूद भी सुरक्षित स्थान पर नहीं जा रहे हैं जो कि चिंता का विषय है इस समस्या के बारे में शीर्ष अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है धर्मेंद्र कुमार सिंह उपजिलाधिकारी दातागंज

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