बदायूं एसएसपी साहब थाना सहसबान कोतवाली व बिसौली में तीन तीन साल से डटे हुए हैं कांस्टेबल व कुछ दरोगा नेताओं से अपनी सांठगांठ करके रुकवा लेते हैं ट्रांसफर एसएसपी साहब इधर भी आपके बल्लेबाजी की जरूरत

बदायूं एसएसपी साहब थाना सहसबान कोतवाली व बिसौली में तीन तीन साल से डटे हुए हैं कांस्टेबल व कुछ दरोगा नेताओं से अपनी सांठगांठ करके रुकवा लेते हैं ट्रांसफर

एसएसपी साहब इधर भी आपके बल्लेबाजी की जरूरत

ब्यूरो तबरेज़ खान 

बदायूँ:- के कस्बे सहसवान व बिसौली कोतवाली का है ।जहां काफी लंबे समय से कुछ दरोगा व कांस्टेबल कार्यरत हैं ।इन लोगों के नहीं होते ट्रांसफर कुछ दरोगाओं के ट्रांसफर होने के बाद भी एक ही थाने में कई बार करा लेते है। तैनाती इस कारण वे स्थानीय स्तर पर मजबूत राजनीतिक संबंध बना लेते हैं ।भ्रष्ट तत्व माफियाओं से भी उनके करीबी संबंध बन जाते हैं सबसे बड़ी बात कुछ दरोगा व कांस्टेबल एक ही हल्के पर सालों से डटे हुए हैं जहां हर एक व्यक्ति से लेकर बच्चों तक पर इन दरोगा व कांस्टेबलो के नंबर उपलब्ध होते कोई मामला थाने पर पहुंचने से पहले बाहर ही निपटा दिया जाता है परिणाम स्वरूप वे उच्च अधिकारियों के निर्देश भी नहीं मानते हैं तथा अपने द्वारा विकास कार्य प्रणाली से कार्य करते हैं इनके कारण भ्रष्टाचार में वृद्धि होती है ऐसा ही मामला बिसौली व सहसवान कोतवाली का है जहां सालों से कुछ दरोगा व कांस्टेबल कोतवाली में नेताओं से अपनी अपनी से सांठगांठ करके डटे हुए हैं।

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