बदायूं: प्रिंट रेट से ऊपर बिक रही देसी शराब, आबकारी विभाग बना मूकदर्शक।
बदायूं से तबरेज खान
बदायूं जिले के बिसौली, इस्लामनगर, बिल्सी और सहसवान क्षेत्र में देसी शराब की दुकानों पर खुलेआम ओवररेटिंग की जा रही है। शराब के शौकीनों से निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली कर ठेकेदार और आबकारी विभाग मिलकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि एमआरपी पर शराब मांगने पर दुकानदार खरीदारों से बदसलूकी, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार तक कर डालते हैं। हैरानी की बात यह है कि दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची भी प्रदर्शित नहीं की जाती। शिकायतें दर्ज होने के बावजूद विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने से बचते नजर आते हैं।
सहसवान में सबसे बड़ा धंधा
सूत्रों के अनुसार, सहसवान नगर में रोजाना करीब 5,000 पव्वे देसी शराब के बिकते हैं। ओवररेटिंग से ठेके के सेल्समैन रोजाना लगभग 50,000 रुपये की अवैध कमाई कर रहे हैं। यह धनराशि आगे ठेके के मैनेजर, जीएम और राजनीतिक संरक्षण के जरिए सुरक्षित कर दी जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन भी इन शराब माफियाओं से मिलीभगत किए हुए है।
ग्रामीण इलाकों में भी फैला नेटवर्क
सिर्फ नगर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी 17 से अधिक देसी शराब की दुकानें हैं। यहां भी तय मूल्य से ₹10 अधिक लेकर शराब बेची जा रही है। लोगों का कहना है कि जहरीली शराब पीने से लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन सरकार और विभाग को इसकी कोई परवाह नहीं है। जब इस मामले में जीएम और एजीएम से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव तक नहीं किया। इससे यह साफ होता है कि जिले में शराब माफिया किस हद तक हावी हैं और प्रशासनिक मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं।


