बक्सर खालसा में सात माह पूर्व हुआ नव निर्मित नाला हुआ ध्वस्त कार्यदाई संस्था क्षेत्र पंचायत सहसवान ने वित्तीय वर्ष 2024 25 में कराया था निर्माण "नाला निर्माण पर₹9,83768 रुपए हुआ था खर्च" :ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर निर्माण कार्य की जांच कराए जाने की मांग:


बक्सर खालसा में सात माह पूर्व हुआ नव निर्मित नाला हुआ ध्वस्त

कार्यदाई संस्था क्षेत्र पंचायत सहसवान ने वित्तीय वर्ष 2024 25 में कराया था निर्माण

"नाला निर्माण पर₹9,83768 रुपए हुआ था खर्च"
:ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर निर्माण कार्य की जांच कराए जाने की मांग:

जिला ब्यूरो तबरेज़ खान 

सहसवान (बदायूं) विकासखंड कार्यालय सहसवान क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बक्सर खालसा के दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत में कार्य दाई संस्था क्षेत्र पंचायत सहसवान के द्वारा वर्ष 2024 /25 में लगभग सात माह पूर्व केंद्रीय वित्त (टाइड) आयोग की धनराशि से ग्राम पंचायत में राजेश्वर सिंह के खेत से बाबूराम जाटव के खेत तक हुए नाला निर्माण कार्य पर कार्य दाई संस्था द्वारा निर्माण कार्य में आने वाली सामग्री मानक के अनुरूप न लगा कर सामग्री घटिया तथा कम मात्रा में लगाए जाने के कारण नाला निर्माण होते ही पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों ने पत्र में बताया की ग्राम में राजेश्वर सिंह के खेत से बाबूराम जाटव के खेत तक हुए नाला निर्माण में कार्यदाई संस्था क्षेत्र पंचायत सहसवान द्वारा लगभग 983 768 खर्च हुआ। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी उपरोक्त नाला सात माह में ही ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में बताया कि उपरोक्त नाला निर्माण के समय कार्यदाई संस्था द्वारा घटिया सामग्री तथा मानक के अनुरूप सामग्री ना लगे जाने की कई बार ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत भी की परंतु अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत को नजरअंदाज कर दिया। अगर अधिकारियों ने नाला निर्माण के समय ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो कार्यदाई संस्था का पैसा का दुरुपयोग ना होता। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से उपरोक्त नाला निर्माण कार्य की टी ए सी से जांच कराए जाने की मांग की है।पत्र में सिकंदर रामपाल प्यारेलाल फूल सिंह कन्यवती वीरवती महेश गोवर्धन कल्लू प्रेम सिंह मोहर सिंह चंदू मोहित बांके सूरज नीलोफर समा वी गिर्राज हर्षवर्धन शांति जाने आलम सहित अनेक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। इस बाबत खंड विकास अधिकारी से भी उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका।


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