बेधड़क दौड़ रहे जुगाड़ वाहन बन रहे परेशानी और हादसे का सबब अधिकतर वाहन चोरी बाइक काटकर बनाए जाते हैं ।
पुरानी बाइक व स्कूटर काटकर बनाए गए जु्गाड़ वाहन नगर की सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं। ये जुगाड़ वाहन न केवल आबो-हवा को जहरीली कर रहे हैं। पर्यावरण को दूषित बनाने मे मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट तबरेज़ खान
बदायूँ:-सहसवान पुरानी बाइक व स्कूटर काटकर बनाए गए जुगाड़ वाहन नगर की सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं। ये जुगाड़ वाहन न केवल नगर की आबोहवा को जहरीली कर रहे हैं, बल्कि जाम व दुर्घटनाओं का सबब भी बन रहे हैं। हैरत की बात यह है कि पुलिस या उप संभागीय परिवहन विभाग ने इनके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई भी नहीं की है।बीते कई सालों से जुगाड़ वाहन सड़कों पर कुकुरमुत्तों की तरह नजर आते थे। हालांकि यह वाहन किसानों के इस्तेमाल के लिए बना था, लेकिन अधिकतर लोगों ने व्यवसायिक वाहन के रूप में इस्तेमाल शुरू कर दिया। कोर्ट ने संज्ञान लेकर इसे प्रतिबंधित कर दिया। अब इसकी जगह पुराने स्कूटर व बाइक काटकर बनाए गए जुगाड़ों ने ले ली है। इनका खुलेआम व्यवसायिक प्रयोग किया जा रहा है। धुएं के रूप में जहरीली हवा फेंकते ये वाहन जिले की हर सड़क पर नजर आ रहे हैं। कई बार तो शहर की सड़कों पर इनसे जाम भी लग जाता है। जाम में फंसे लोग इन वाहनों के धुएं से बेहद परेशान हो जाते हैं।आजतक नहीं हुई कार्रवाई यातायात पुलिस नगर के हर चौराहे पर वाहन चेकिग करती है। उप संभागीय परिवहन विभाग भी कंडम वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के दावे करता है, लेकिन ये जुगाड़ वाहन किसी को नजर नहीं आ रहे हैं। इसके चलते आए दिन ये वाहन जाम व दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि उप संभागीय परिवहन विभाग के पास इन वाहनों का किसी तरह का रिकार्ड भी नहीं है। बजन ढ़ोने मे भी इनका कोई सानी नहीं कभी कभी ट्रेक्टर ट्राली के बजन के बराबर बजन भर लेते है । अब देखना है । प्रशासन की कुंभकरण नीद कब खुलती है ।
