गौशालाओं में गम्भीरता से कार्य किया जाएः नोडल अधिकारी।
ब्यूरो रिपोर्ट तबरेज़ खान
बदायूँ : उत्तर प्रदेश शासन में विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा/नोडल अधिकारी अशोक कुमार जनपद में 05 से 08 अप्रैल तक चार दिवसीय दौरे पर हैं, अवशेष निराश्रित गोवंश को शत प्रतिशत संरक्षित किए जाने तथा उनके भरण पोषण हेतु भूसा संग्ररह के सम्बंध में किए जा रहे कार्यां के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण उन्हें जनपद का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अधिकारी ने खेडा बुजुर्ग, भगवतीपुर एवं नौशेरा की गौशालाओं का पहुंचकर निराश्रित गौवंशों का संरक्षण की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों की व्यवस्थाओं को परखा।कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में नोडल अधिकारी ने जिलाधिकारी मनोज कुमार, मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विजय कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार, डीसी मनरेगा राम सागर यादव, जिला विकास अधिकारी श्वेतांग पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 निरंकार सिंह एवं सम्बंधित अधिकारियों के साथ गौवंश संरक्षण की समीक्षा बैठक, स्थिति, मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गौवंश सहभागिता योजना, बृहद गौ संरक्षण केन्द्र क्रियाशील, केटल कैचर, गौवंश भरण पोषण की धनराशि के सम्बंध में बैठक आयोजित की।विशेष सचिव ने निर्देश दिए कि गौशालाओं से संबंधित सभी अभिलेख गौशालाओं में ही रखे जाएं इधर-उधर न रखे जाए। रफियाबाद के अलावा अन्य गौशालाओं में पेंट बनाने का कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि निराश्रित गोवंश खेत, सड़क आदि स्थानों पर आवारा घूमते नजर नहीं आने चाहिए। गोवंश के लिए उचित प्रबंध करें। गौशालाओं संचालन अच्छे ढंग से कार्य योजना बनाकर कार्य करें। उन्होने निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप गौशालाओं में गोवंश रखे जाएं। गौशालाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में अभी से विशेष ध्यान देकर भूसा स्टोर किया जाए। चारागाह की जमीनों पर हरा चारा बुलाया जाए। जनपद में निराश्रित गोवंश के लिए विशेष नवाचार किया जाए। शासन की मंशा के अनुसार यह कार्य गंभीरता से किया जाए कहीं पर भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए अन्यथा बड़ी एवं कड़ी कार्रवाई हो जा सकती है। कोई भी समस्या आती है तो उसका निदान किया जाए गौशालाओं का रिकॉर्ड नियमित मेंटेन किया जाए।
