बाल विकास परियोजना कार्यालय बंद होने से आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका बेरंग वापस कार्यालय बंद होने से आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं में रोष

बाल विकास परियोजना कार्यालय बंद होने से आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका बेरंग वापस कार्यालय बंद होने से आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं में रोष

ब्यूरो रिपोर्ट तबरेज़ खान 

बदायूं:- सहसवान हमेशा चर्चाओं में रहा बार विकास परियोजना कार्यालय आज फिर चर्चाओं में आ गया जब कार्यालय मैं 11:30 बजे तक कोई भी कर्मचारी या अधिकारी नहीं पहुंचा कार्यालय के मुख्य द्वार पर लटके ताले को देखकर अपने कार्यों से कार्यालय पहुंची दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायक बिना काम हुए वापस लौट गए lजानकारी के अनुसार बाल विकास परियोजना कार्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान के भवन में काफी समय से चल रहा है बताया जाता है कि कार्यालय में कार्यालय अधिकारी कभी समय से नहीं आती हैं उन्होंने कार्यालय का कार्यभार एक प्राइवेट दीपक नाम के व्यक्ति को दे रखा है जो कार्यालय की देखरेख करने के साथ ही गोदाम का कार्य वी देखता है बताया जाता है बीते कई दिनों से कार्यालय प्रभारी नहीं आ रही हैं जिसके कारण कार्यालय पर कार्य के वास्ते आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका वापस लौट रही हैं बताया जाता है कि कार्यालय पर एक बाबू की पोस्टिंग तो है परंतु बाबू चंद घंटे बैठकर वापस लौट जाता है उसने लोगों से स्पष्ट रूप से कहा है कि वह सहसवान बाल विकास परियोजना कार्यालय में रहना नहीं चाहता आप लोग मेरा स्थानांतरण करा दो मैं इसी प्रकार आता रहूंगा कई कार्यकत्रियों ने बताया उपरोक्त बाबू महेंद्र सिंह कभी-कभी एक या 2 घंटे के लिए ऑफिस आते हैं और ऑफिस बंद करके चले जाते हैं जबकि बाल विकास परियोजना कार्यालय पर बाल विकास परियोजना अधिकारी के रूप में देवेंद्र सिंह के पास अतिरिक्त कार्यभार है वह भी एक लंबे समय से कार्यालय पर नहीं आए हैं कार्यालय पर एकमात्र सुपरवाइजर मंजू वर्मा है जो अपने आप को बाल विकास परियोजना अधिकारी बताकर आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं को धमकाती रहती हैं जिससे आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायकों में आक्रोश की भावना पनप रही है बात यहीं खत्म नहीं होती कार्यालय पर तैनात सुपरवाइजर ने एक दीपक नाम का प्राइवेट व्यक्ति लगा रखा है जो धन वसूली का कार्य करने के साथ ही गोदाम से माल उठाने रखबाने के अलावा कार्यकत्रियों को हड़काना अपशब्दों का प्रयोग करना उसकी दिनचर्या में शामिल है lकार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने बताया अगर कोई भी आंगनवाडी कार्यकत्री एवं सहायिका सुपरवाइजर मंजू वर्मा से अपनी समस्या को बताना चाहती है तो उसे कार्यालय में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाती बल्कि उपरोक्त कार्यालय पर सुपरवाइजर द्वारा प्राइवेट रूप से रखे गए दीपक नाम के व्यक्ति से बात करने के लिए अधिकृत किया हुआ है दीपक नाम का व्यक्ति जो चाहता है वही कार्यालय में होता है कार्यकत्रियों का आरोप है किस सरकारी अभिलेखों एक प्राइवेट व्यक्ति रखरखाव करता है अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ होती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी इस बाबत सुपरवाइजर मंजू वर्मा से बात करने का प्रयास किया गया तो वार्ता नहीं हो सकी lवार हाल बाल विकास परियोजना कार्यालय सहसवान बंद रहने से आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है आक्रोशित आंगनवाडी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया जिला कार्यक्रम अधिकारी से स्थाई बाल विकास परियोजना अधिकारी की नियुक्ति कराए जाने की मांग की है l

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