क्षेत्र में आई फ्लू से हाहाकार चिकित्सालय से नेत्र सहायक एक पखवाड़े से फरार

क्षेत्र में आई फ्लू से हाहाकार चिकित्सालय से नेत्र सहायक एक पखवाड़े से फरार

ब्यूरो रिपोर्ट तबरेज़ खान 

बदायूं:- सहसवान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात नेत्र सहायक बीते एक पखवाड़े से फरार चल रहा है जबकि क्षेत्र में आई फ्लू का प्रकोप तेजी से फैला हुआ है सैकड़ों की तादाद में  रोग से पीड़ित लोग स्वास्थ्य केंद्र में उपचार वास्ते पहुंच रहे हैं परंतु नेत्र साहेब के कमरे के मुख्य द्वार पर ताला लगा होने के बाद पीड़ित वापस अपने घरों को जा रहे हैं जिससे पीड़ितों में आक्रोश फैल रहा है lज्ञात रहे वर्षा ऋतु के चलते सहसवान सामुदायिक क्षेत्र के अंतर्गत बड़े पैमाने पर बुजुर्ग एवं बच्चे आई फ्लू रोग से पीड़ित हैं पीड़ित लोग उपचार वास्ते सैकड़ों की तादाद में स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं परंतु नेत्र सहायक के बंद कमरे को देखकर पीड़ित हंगामा करते हुए अपने घरों को लौट जाते हैं lबताया जाता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान नेत्र सहायक लगभग 1 वर्ष से तैनात हैं परंतु वह यदा-कदा ही अपने रूम में बैठकर औपचारिकता भर अपने कार्यों को करते हैं बताया जाता है नेत्र सहायक बंद पड़ा है उनके ना आने से क्षेत्र में आई फ्लू से पीड़ित सैकड़ों की तादाद में मरीज बैरंग वापस लौट रहे हैं पीड़ित इधर-उधर उपरोक्त नियत सहायक के बारे में पूछताछ करते हुए देखे जा सकते हैं नगर के मोहल्ला काजी निवासी शाहीन पत्नी कमर मियां ने बताया कि उपरोक्त नेत्र सहायक को अपनी आंखें दिखाने के लिए बीते एक पखवाड़े से वह निरंतर आ रही है परंतु उनका कमरा बंद मिलता है वहीं राजेश चंद्रपाल इस्लाम जीशान मुन्नी चंदनिया फूलवती अंकित राम प्रिय मधुकर सालमिया सलमान चंद्र वती जीशान सहित सैकड़ों की तादाद में मरीजों ने बताया की नेत्र सहायक को आंखें दिखाने के लिए वह एक पखवाड़े से पर्चा बनाकर निरंतर स्वास्थ्य केंद्र पर चक्कर लगा रहे हैं परंतु नेत्र सहायक के कमरे के मुख्य द्वार पर ताला पड़ा मिलता है पूछने पर कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी उचित उत्तर नहीं देता पीड़ितों ने बताया की सरकार द्वारा जब गरीबों को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए नेत्र सहायक तैनात है जबकि वर्षा ऋतु के चलते क्षेत्र में आई फ्लू का रोग तेजी से फैला हुआ है इस समय नेत्र सहायक का अपने कार्यालय में ना बैठना यह दर्शाता है स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जनता को बेवकूफ बनाने में तुले हुए हैं lइस बाबत चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रशांत त्यागी से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका l

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