बालिकाओं की सुरक्षा के वास्ते चीता पुलिस एवं महिला पुलिस रहती है नदारद अभिभावक चिंतित।
कहाँ है एंटी रोमियों टीम पुलिस रवेय्या भी सुस्त स्कूलों कालेजों के आसपास मंडराते हैं शोहदे
ब्यूरो रिपोर्ट तबरेज़ खान
बदायूं। सहसवान स्कूल और कॉलेजों के बाहर शोहदों की मुस्तैदी । रोड किनारे बनी दुकानों पर स्टूल डालकर बेठे रहते हैं मनचले महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जहां शासन स्तर से आए दिन कड़े निर्देश जारी किए जा रहे हैं वहीं पुलिस का रवैया सुस्त बना है। स्कूलों के आस-पास शोहदों का जमावड़ा रहता है। कॉलेजों के पास बाइक सवार मनचले स्टंट करते नजर आते हैं। एंटी रोमियो टीम भी सक्रिय नहीं दिख रही है। छात्राओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नगर मे स्कूल-कॉजेल व कोचिग संचालित हो रही हैं। इनके आसपास स्कूल खुलने व छुट्टी के समय शोहदों की भीड़ लगी रहती है । स्कूलों के पास पुलिस की नियमित ड्यूटी नहीं रहती है। इसके अलावा खासकर स्कूल खुलने व बंद होने के समय में गश्त भी सही से नहीं होती है। इससे शोहदों के हौंसले बुलंद रहते हैं। मनचले युवक स्कूल के पास से छात्राओं का पीछा करना शुरू कर देते हैं। कई बार छात्राओं को छींटाकशी का भी शिकार होना पड़ता है। शर्म के चलते छात्राएं उलट कर न तो कोई जवाब देती हैं और न ही वह अपने घरों में इस बात की शिकायत करती हैं। । जबकि इस तरह के शोहदों को सबक सिखाने के लिए बकायदा एंटी रोमियो टीम भी गठित है। टीम जब सक्रिय होती है तो मामला कुछ ठीक दिखाई पड़ता है। टीम के सक्रिय न रहने से फिर से एक बार वहीं स्थिति बन जाती है। इन दिनों पुलिस की गश्त सुस्त होने से मनचले युवकों पर नकेल नहीं दिख रही।इधर गोपालगंज चौराहे पर शराब के ठेके के आसपास देर रात तक लगा रहता है शराबियों और असामाजिक तत्वों का जामाबाड़ा रहागीरी और ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राओं से असामाजिक तत्व करते रहते है अभद्रता और गाली-गलौज मोहल्ले वासियों की शिकायत पर भी प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
