प्रशासन को ढूंढ़े नहीं मिल रहा खनन प्वाइंट, कहां का है पट्टा
बदायूं ब्यूरो
बदायूं में खनन पट्टा समाप्त होने वाला है, लेकिन जगहों की कमी और राजनीति के कारण नया पट्टा नहीं मिल रहा है। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया, लेकिन कहीं भी रेत की मात्रा या उचित जमीन नहीं जनपद में वर्तमान खनन पर रेत कम और राजनीति ज्यादा है इसलिए पिछले काफी दिनों से शिकायतें चल रही हैं। इसी बीच खनन का दोबारा से पट्टा का समय आ गया है। राजस्व से लेकर खनन विभाग के अफसर खनन प्वाइंट तलाश कर रहे हैं लेकिन खनन प्वाइंट ढूंढ़े से नहीं मिल रहे हैं। पट्टा खत्म होने की तारीख करीब आ गई लेकिन एक भी खनन प्वाइंट तलाशे से नहीं मिला है। इसके लिए अधिकारी लगातार गंगा की कटरी को खंगाल रहे हैं और सीमांकन के साथ रेत का मानक चेक कर रहे हैं। दातागंज तहसील के सरेली बांध एवं अहमदनगर बछौरा पर संचालित खनन पट्टा समाप्त होने जा रहा है। इस पट्टा की आखिरी तारीख 12 दिसंबर है 12 दिसंबर को खनन पट्टा समाप्त हो जायेगा। इसके बाद जिला प्रशासन खनन पट्टा करेगा, इसके लिए बदायूं, दातागंज, सहसवान तहसील व खान विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है कि जगह को चिन्हिंत किया जाये कि इस बार कहां खनन प्वाइंट बनाकर पट्टा किया जायेगा। इसके लिए खान अधिकारी सहसवान के टोंटपुर करसरी पर जमीन का निरीक्षण कर दिया है वहां पट्टा के मानक अनुसार जगह नहीं है इसके अलावा सदर तहसील के कछला खाम में खनन को जमीन देख चुके हैं लेकिन यहां गंगा घाट के करीब है और भीड़भाड़ की स्थिति रहती है। इसके अलावा भूड़ा भदरौल इलाके में भी जमीन को देखा गया है लेकिन अभी तक फाइनल नहीं हो सका है कि कहां पट्टा किया जाये। अधिकारियों की मानें तो कहीं जमीन पर रेट का स्तर कम है तो कहीं जमीन पर रेत नहीं है। कई जगह रेत मिला तो वह जमीन पट्टा वाली नहीं है और किसानों की जमीन है। वर्ष 2018 में खनन का पट्टा किया गया था जो 12 दिसंबर को समाप्त हो रहा है इसके बाद नया पट्टा होगा।

